Home Story सामज का दोगलापन. A story about deferencess between male & Female

सामज का दोगलापन. A story about deferencess between male & Female

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निशा थी ही इतनी ब्यूटीफुल, लम्बे काले, घने बाल, बड़ी -बड़ी हिरणी जैसी आंखे, गुलाबी होंठ, दूध जैसा सफ़ेद रंग, कोई भी निशा को देखे तो बस देखता जाये, निशा ने अभी – अभी रमेश का ऑफिस ज्वाइन किया था, दोनों बराबर क पद पार थे, इसलिए अक्सर ऑफिस मीटिंग में मिलना हो जाता था, पर रमेश तो निशा क दीवाना हो गया, उसने निशा का पूरे दिन का शेडूल पता किया, और हर जगह निशा से पहले पहुंच जाता, कुछ समय ऐसे ही चलता रहा, कुछ दिनों  बाद निशा ने रमेश को नोटिस किया उसे बहुत गुस्सा आया, एक दिन उसने रमेश को बुलाया , और रमेश को बोला तुम हर जगह मेरा पीछा क्यों करते है, मुझे पता है तुम्हरी नियत अच्छी नहीं है, निशा को गुस्से में देख रमेश ने धीरे से बोला यह सच है की मैं आपका पीछा करता हू, पर मेरी नियतहै,  गलत नहीं  मुझे पहली नजर में ही आप से प्यार हो गया था, उस प्यार से मजबूर मैं आपके  पीछे आता हू, अगर आप को मैं पसंद नहीं तो मैं आज से आपके पीछे नहीं आऊंगा, निशा ने रमेश को ऊपर से नीचे तक देखा, फिर मन ही मन सोचा ये दिखने में भी अच्छा है, सोच भी बुरी नहीं है, तभी रमेश ने कहा क्या मैं जाऊ, तब निशा अपनी सोच से बाहर  आयी, और मुस्कारकार रमेश को कॉफ़ी ऑफर की  , दोनों से कॉफ़ी पी, अब यह रोज को सिलसिला हो गया , दोनों थे, एक दूस रे को पसंद करने लगे, करीब २ साल बाद दोनों के परिवार वालो के मर्जी से दोनों की शादी हो गई, गृहस्थी चल पड़ी, दोनों के २ बच्चे थे, बच्चों केपलने के लिए निशा ने जॉब छोड़ दी, समय चक्र चलता रहा , दोनों की शादी के १० साल बीत गए, गया, वही महिला करे तो चरित्रहीन ।

निशा को देखे ही रमेश उस पर फ़िदा होात  गया, निशा थी ही इतनी ब्यूटीफुल, लम्बे काले, घने बाल, बड़ी -बड़ी हिरणी जैसी आंखे, गुलाबी होंठ, दूध जैसा सफ़ेद रंग, कोई भी निशा को देखे तो बस देखता जाये, निशा ने अभी – अभी रमेश का ऑफिस ज्वाइन किया था, दोनों बराबर क पद पार थे, इसलिए अक्सर ऑफिस मीटिंग में मिलना हो जाता था, पर रमेश तो निशा क दीवाना हो गया, उसने निशा का पूरे दिन का शेडूल पता किया, और हर जगह निशा से पहले पहुंच जाता, कुछ समय ऐसे ही चलता रहा, कुछ दिनों  बाद निशा ने रमेश को नोटिस किया उसे बहुत गुस्सा आया, एक दिन उसने रमेश को बुलाया , और रमेश को बोला तुम हर जगह मेरा पीछा क्यों करते है, मुझे पता है तुम्हरी नियत अच्छी नहीं है, निशा को गुस्से में देख रमेश ने धीरे से बोला यह सच है की मैं आपका पीछा करता हू, पर मेरी नियतहै,  गलत नहीं  मुझे पहली नजर में ही आप से प्यार हो गया था, उस प्यार से मजबूर मैं आपके  पीछे आता हू, अगर आप को मैं पसंद नहीं तो मैं आज से आपके पीछे नहीं आऊंगा, निशा ने रमेश को ऊपर से नीचे तक देखा, फिर मन ही मन सोचा ये दिखने में भी अच्छा है, सोच भी बुरी नहीं है, तभी रमेश ने कहा क्या मैं जाऊ, तब निशा अपनी सोच से बाहर  आयी, और मुस्कारकार रमेश को कॉफ़ी ऑफर की  , दोनों से कॉफ़ी पी, अब यह रोज को सिलसिला हो गया , दोनों थे, एक दूस रे को पसंद करने लगे, करीब २ साल बाद दोनों के परिवार वालो के मर्जी से दोनों की शादी हो गई, गृहस्थी चल पड़ी, दोनों के २ बच्चे थे, बच्चों केपलने के लिए निशा ने जॉब छोड़ दी, समय चक्र चलता रहा , दोनों की शादी के १० साल बीत गए,

रमेश का इंट्रेस्ट निशा और बच्चो से हट गया, वह दिन भर किसी से फ़ोन पर बात करता , जल्दी ऑफिस के लिए निकल जाता लेट घर आता, निशा को भी पता था की उसके पति का अफेयर उसकी ऑफिस की एक लड़की सोनिया के साथ चल रहा है, फिर भी वह चुप थी, रमेश उससे ढंग से बात भी नहीं करता, वह बहुत दुखी रहती,

एक दिन वह मार्किट से घर आ रही थी तभी उसे एक   नया फिटनेस  सेण्टर दिखा,  उसने जाकर ज्वाइन कर लिया, अब वह रज जल्दी बच्चो को  स्कूल भेजकर, रमेश का टिफ़िन तैयार करके उसको भेज कर कूद फटाफट  फिटनेस क्लास जाती, यह सिलसिला चलती रहा, एक दिन ट्रेनर ने उससे पूछा , आप कोलाज जाती है, जब निशा हस कर बोली अरे नहीं मेरे दो बच्चे है, और मेरी शादी को १० साल हो गए है, इस पर राहुल (ट्रेनर ) ने कहा आपको देखकर नहीं लगता, सच में निशा को देखकर कोई भी उसकी उम्र का अंदाजा नहीं लगा सकता था, वह आज भी कालेज  गर्ल लगती थी, वह बस मुस्करा दी, अब राज राहुल से बात करता निशा भी उससे बात करने के लिए थोड़ा जल्दी आती, एक दिन निशा की तबियत ठीक नहीं थी तो वह क्लास नहीं गई , राहुल उसका इंतजार करता रहा, उसने अगले दिन सबको छुट्टे दे दी, निशा जब अगले दिन क्लास पहुंची तो राहुल ने चिल्लाते हुए पूछा, कल क्यों नहीं आयी, पता है मैं कितना परेशान था, तबियत ठीक नहीं थी इसलिए नहीं आये, निशा ने उत्तर दिया, बाकि सब कहा है, आज मैंने सबकी छुट्टी दी है, तो मुझे क्यों नहीं बताया निशा ने पुछा, क्योकि मैं तुम्हारे साथ बात करना चाहता था, जानना चाहता हू, ये खूबसूरत चेहरा इतना उदास क्यों रहता है तो निशा ने रमेश के बारे में सब कुछ बता दिया, राहुल ने सांत्वना दी और नंबर एक्सचेंज कर लिया। अब निशा और राहुल भी फ़ोन पर बातें करने लगे। रमेश सोनिया के साथ बात करता रहता, और निशा राहुल के साथ।

   एक दिन निशा राहुल से व्हाटप्प पर चैट कर रही थी, तभी कुछ  गिरने की आवाज आयी, निशा को लगा बिल्ली होगी, वह देखने गई, जब आये तो देखा फ़ोन रमेश के हाथ में था, वह मैसेज पढ़ रहा था, तभी उसकी नजर निशा पर पड़ी ,चिल्लाते हुए बोला कुलटा , कुलक्षणी , चरित्रहीन औरत, दुरो के साथ नैन मटक्का करती है, शर्म आती है मुझे तुम्हे अपनी पत्नी कहते हुए, और न जाने क्या- क्या , निशा चुपचाप सुन रही थी, वह मन भी रही थी की उसने मर्यादा तोड़ी है पर रमेश उसकी एक भी सुन नहीं रहा था,

ऐसा क्यों होता है हमारे समाज में जब पुरुष पत्नी के होते हुए किसी और के साथ सम्बन्ध रखे तो ठीक,और औरत रखे तो कुलटा , चरित्रहीन।

रमेश के सम्बन्ध भी तो सोनिया के साथ थे यह जानते हुए भी निशा ने बच्चो को संभाला, और तो और रमेश की सुविधाओं का भी ध्यान रखा। मगर जब निशा ने किया तो समाज  और पति से बर्दास्त नै हुआ, मैं यह नहीं कर रही, की निशा ने जो किया वह ठीक किया लेकिन उसने ऐसा क्यों किया, क्यों प्यार केदो बोल  के लिए किसी और के पास जाना पड़ा। क्यों समाज   एक की गलती के लिए पुरुषो को दूसरी और औरतो को दूसरी नजर से देखता है। कब तक ऐसा भेदभाव रहेगा?

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