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मेरे घर में रहना है तो मेरे तरीके से रहो।

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निशा बचपन से ही मेधावी छात्रा थी, हेमेशा क्लास में टॉप करती, अभी उसका graduation का रिजल्ट आया, निशा ने टॉप किया था, सभी बहुत खुश थे, इसी बीच उसके दिल्ली वाले मौसा जी आये, वह निशा के लिए एक बहुत अच्छा रिस्ता लेकर आये थे, निशा के parents अभी निशा की शादी के फेवर में नही  थे, वह चाहते थे की निशा अभी अपनी पढ़ाई कम्प्लीट करे, निशा भी यही चाहती थी, लकिन रिश्ता बहुत अच्छा था,इस लिए वह शादी के लिए मन गए , उन्होंने सोचा निशा शादी के बाद भी पढ़ाई कर सकती है, निशा भी अपने पेरेंट्स के decision  को appose  नहीं कर पाई, निशा की शादी रमेश के साथ धूम -धाम से हो गई।

निशा की ससुराल में उसे अजीब से लग रहा था, जैसा उसने सोचा था वैसा कुछ नहीं था, उसने सोचा था महानगर के लोग है, खुली सोच के होंगे , सोच   का जगह से कुछ लेना देना नहीं होता,क्योकि निशा, के पेरेंट्स  एक छोटे कसबे में रहते थे, फिर भी उन्होंने निशा  को पढ़ाने  में कोई कमी नहीं छोड़ी, और सोचा की अगर निशा की शादी एक महानगर में हो जाएगी तो निशा के लिए अच्छे अवसर  मिलेंगे पड़ने के भी और जॉब के भी, मगर ऐसा कुछ भी न हुआ, निशा ने जब आगे पढ़ने की बात की तो सब ने मन कर दिया , निशा भी चुप  हो गई। अभी  कुछ ही दिन हुए थे क़ि निशा  का बीएड एंट्रेंस का रिजल्ट आ  गए, निशा के पापा  ने निशा को  फ़ोन  किया , और बताया निशा बीएड  के टॉप 50  स्टूडेंट में है, निशा बहुत खुश थी, उसने रमेश   को बताया , क़ि मैं बीएड करना चाहती  हूँ, और मैंने टॉप 50  में जगह बनाई है, रमेश ने बोला तुमको पहले ही बता दिया गया है अब तुमको घर को सँभालने पर ध्यान देना चाहिए , यह बार -बार पढाई का भूत सर क्यों  चढ़ जाता है, आज के बाद इस टॉपिक पर कभी भी बात नहीं होगी, मेरे घर में रहना  है तो मेरे तरीके  से रहो, निशा को लगा  जैसे  किसी ने उसकी जिंदगी का मकसद छीन  लिया हो, उसकी ख़ुशी छीन ली हो , उसका सपना उससे छीन लिया हो, पर वह कुछ न कर पाई, अपने   परिवार   और पति  क़ि ख़ुशी के लिए  उसने  अपना सपना  तोड़  दिया, अपने पेरेंट्स  को भी वह दुखी   नहीं करना चाहती थी, उनको बोला क़ि अभी वह कुछ टाइम  अपनी  नई गृहस्थी को देना चाहती है.

निशा ने अपने घर  के लिया अपना करियर  छोड़ दिया लकिन वो घर उसका नहीं था, उसके पति का था, अपनी तो कोई पहचान उसकीथी ही नहीं, किसी की बहु, किसी की बीवी, किसी की माँ, किसी की बेटी, किसी की बहन, तो क्या निशा ने सही किया , समाज की नजरो से देखें तो सही, पर के लड़की /महिला की नजर से देखे तो बिलकुल गलत, क्योकि हर लड़की है हक़ है सपने  देखने का उनको पूरा करना का, अपनी पहचान बनाने का, निशा उन सभी का प्रतिनिधित्व करती है, जिन्हने अपनी गृहस्थी के लिए अपनी पढाई, अपना करियर छोड़ा, और फिर भी रेस्पेक्ट नहीं, बात -बात पर ताने मरे जाते है ये घर मेरा हो, मेरे तरीके से रहो, आपकी क्या सोच है निशा ने सही किया या नहीं, कमेंट करके जरूर बताइयेगा । आपके कमेंट निशा जैसो की जिंदगी में नई उम्मीद ला सकते है।

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