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भाग्यवान हो की तुमको सास मिली है।

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गर्मियों की छुट्टियों में निशा अपनी बेटे और पति के साथ ससुराल आई थी, घर में बेटे और पोते के आने की वजह से सभी बहुत खुश थे, निशा के आने से किसी को कोई फरक नहीं पड़ा , थोड़ा दुःख उसे हुआ उसे ऐसा लगता जैसे इस घर में उसके आने पर कोई खुश नहीं होता ना ही  कोई हाल-चल पूछता, तो क्यों  आती   है वह यहाँ, फिर वह आपने आप को समझते हुए अपने ख्यालो से बहार निकल आई, खुद को समझाते हुए बोली , कुछ ही दिनों की तो बात है निकल जायेंगे  ! फिर वह घर के कामो में गई।

दोपहर के खाने के बाद सासु माँ और दोनों नंदे कमरे में बैठे बाते कर रही थी, निशा को  देखा तो छोटी ननद ने बोला , ‘ भाभी आप भी बैठो हमारे साथ, छोटी ननद को ना न कर पाई निशा, और बैठ गई। उसी समय उसकी सासु माँ सबको उनके साथ ससुराल में क्या हुआ था सुना रही थी, उन्होंने बताया की जब वह पहली  बार अपने ससुराल पहुंची, उसी दिन उनको सब्जी कटाने को दे दी गई, जबकि  नियम के अनुसार उस दिन नई बहू से काम नहीं  करना  चाहिए , मेरे साथ ऐसा हुआ मेरी ससुराल में क्योकि मेरी सास नहीं थी, मेरी जिठानी न मुझसे शादी  के अगले दिन ही काम करवा लिया। सास होती तो ऐसा थोड़ी होता, निशा को सम्बोधित करते हुए बोली , ‘ निशा तुम बहुत लकी हो की तुमको सास मिली है’। निशा ने झूठी हुसी के साथ है में है मिला दी और वही से चली गई ।

  निशा अपनी शादी के पहले दिन के बारे में सोचने लगी, उसकी  डिस्टेंस वेडिंग थी, निशा और रमेश के शहरो के बीच बहुत डिस्टेंस था इस लिए दोनों  परिवार वालो ने आपसी सहमति से एक बीच के शहर में शादी की।शादी की अगली रात निशा और सभी लोग उसी शहर में रुके।।अगले दिन वह ससुराल पहुंची , घर पहुंचकर  सासु में ने निशा को बोला सबके लिए कुछ खाने को बना लो, मेरे पैरो में दर्द है, निशा ने सबके लिए लंच बनाया , उस दिन से आज तक अगर निशा ससुराल  में है तो खाना उसी को बनाना है , घर के सभी काम उसी को करने है,

निशा के मन में एक ही सवाल था की जब सासु माँ की  जिठानी ने उनसे शादी के अगले दिन काम करवाया  तो उनको बिलकुल अच्छा नहीं लगा, आज तक वो उस बात को नहीं भूल पाई, तो मेरे साथ वही क्यों किया, जो उन्हे अच्छा नहीं , वो मुझे अच्छा कैसे लग सकता है, यही सोचते सोचते उसकी आँखों में आँशु आ गए, और सोचने लगी की क्या फर्क रह गया उनकी  सास के न होने से ,और मेरी सास के होने से। मैंa कैसी भाग्यशाली हो गई की मेरे पास सास है जबकि मुझे उसकाaस को सोचना चाहिए था बहू अभी नई है उसे भी उतना ही बुरा लगेगा जितना मुझे लगा था। आपकी क्या राय है कमेंट में बतियेगा जरूर।

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