Home Story दर्द का एहसास !! Emotional Story

दर्द का एहसास !! Emotional Story

Emotional Story in Hindi

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Dard Ka Ehsaan
Emotional Story

पत्नी निशा से बेवफाई कर रमेश सोनिया के मोहपाश में बंध तो चूका  था, पर इस रिश्ते  का अंजाम  इतना भयानक    होगा, उसने कभी     सोचा भी नहीं था. Emotional Story in Hindi

रमेश के फ़ोन  की रिंग बजी, रमेश ने फ़ोन उठाया , दूसरी तरफ से एक मीठी आवाज आयी, ‘हेलो आर यू मिस्टर रमेश’ रमेश ने कहा जी  , दूसरी तरफ से आवाज आयी, मैं  सोनिया होटल स्काई लैंड से बोले रही हूँ , आप  का वॉलेट  हमें मिला है, जिसमे कुछ कॅश , कार्ड , आई डी  प्रूफही भी है, आप होटल के रिसेप्शन से  ले लीजिये आकर, रमेश के चेहरे पर मुस्कराहट  आ गई, क्योकि वह सुबह से पर्स  खोज – खोज कर थक चूका था,उसे याद आया कल वह ऑफिस की सेमिनार के लिए होटल स्काईलैण्ड गया था, रमेश ने सोनिया को थैंक्यू बोलै लकिन उसने सुना नहीं क्योकि वह पहले ही फ़ोन रखा चुकी थी,  अगले दिन सुबह वह वॉलेट लेने होटल पहुंचा, रिसेप्शन  पर बहुत ही सुन्दर और स्मार्ट लड़की थी, वह मन ही मन बहुत खुश हो गया, रिसेप्शन पर पहुंच कर पूछा , सोनिया जी ? यस सोनिया ने उत्तेर दिया, मैं रमेश, आपने फ़ोन किया था कल , सोनिया ने हां में सर हिलाया, सोनिया ने वॉलेट खोला और आई डी से रमेश का फेस मैच किया और आईडी दे दी, चलते – चलते रमेश ने सोनिया से काफी के लिए पूछ लिया,अभी   ड्यूटी पर हु, सी यू लेटर। मैं आपका कांटेक्ट नंबर ले सकता हूँ, मेरा मतलब अगर आपको कॉफी पर बुलाना हो तो, ‘रमेश ने झिझकते हुए कहा , सोनिया ने अपना विजिटिंग कार्ड  रमेश को दे दिया। Story in hindi

सोनिया के ऐसा बोलने से रमेश की उम्मीद और बढ़ गई, वह बहुत खुश था और गुनगुना रहा था, जब वह घर पहुंच निशा ने पुछा क्या बात है आज बड़े खुश लग रहे हो, रमेश ने झल्लाकर उत्तेर दिया, अब इस घर में गुनगुनाने के लिए भी तुम से परमीसन लेनी पड़ेगी, तुमसे तो कुछ पूछना ही बेकार है, झल्लाकर निशा चाय बनाने चली गई. hearttouchingstoty

 निशा और रमेश की शादी को दस साल हो गए है, निशा एक सुन्दर, सुशील और संस्कारी लड़की है. वह फैसन से कोसो दूर है, सोनिया जैसी मॉडर्न लड़की को देख कर रमेश को निशा और भी बदसूरत लगने लगी।

चाय पीने के बाद रमेश ने सोनिया का विजिटिंग कार्ड निकला और उसका नंबर फ़ोन में सेव किया ,और सोनिया को व्हाटप पर मैसेज भेजा, हेलो आई ऍम रमेश, प्लीज  सेव माई नंबर,

अगले दिन मॉर्निंग में सोनिया का मैसेज आया  गुड मॉर्निग , सोनिया के  मैसेज आने के रमेश का कॉन्फिडेंस और बढ़ गया, अब दोनों एक दूसरे को, मैसेज भे जने लिए, और एक दूसरे को फोन  भी करने लगे, रमेश तो हर समय सोनिया के खयालो में खोया रहता, पहले तो कभी कभी निशा से बात भी कर लेता था , आजकल  उसके पास निशा के लिए टाइम ही नहीं था, वह  हर समय सोनिया के खयालो में खोया रहता,

उसको तो पता ही नहीं था की निशा का हाल क्या है।

निशा बहुत दुखी थी,  रमेश फ़ोन में मैसेज देखकर मुस्कराने लगता, फ़ोन पर हस-हस के बात करता, और घर में गुमसुम सा हो जाता, निशा को रमेश पर शक हो गया था, एक दिन जब रमेश नहाने गया तो निशा ने उसका फ़ोन चेक किया फ़ोन में सोनिया के मैसेज पढ़ कर उसे बहुत   गुस्सा   आया , वह   रमेश को लगे हाथो झड़ना चाहती थी , पर रुक गई, सोचा  और सबूत  इकठ्ठे कर ले,

एक दिन रमेश के ऑफिस की पार्टी थी, उसमे रमेश के एक कुलीग ने निशा से बोला, ‘ भाभी जी आपने रमेश को बहुत छूट दे रखी है, तभी तो इतना उड़ता फिरता है, निशा ने पुछा क्या हुआ भैया मुझे तो कुछ भी नहीं पता, तब रमेश के कुलीग ने बताया, रमेश आजकल अधिक टाइम फ़ोन पर रहता है, और कुछदिन पहले मैंने एक बहुत ही ख़ूबसूरत लड़की के साथ देखा था, निशा कुछ न बोल  सकी, उसका मन उचट गया , घर पहुंच कर उसने रमेश से पुछा, उसके ऑफिस के लोग किस लड़की की बात कर रहे थे, रमेश को गुस्सा आ गया , लगभग चिल्लाते हुए बोला,तुम पार्टी में गई थी या जासूसी  करने, क्या हो गया अगर मैं सोनिया से बात करता हु, उसके साथ घूमता हु, खुद को खभी आईने में देखा है, हमेशा बिखरे बाल, पसीने में लतपत सिलवट वाले कपडे, तुमको देखकर बना बनाया मूड ख़राब हो जाए,

निशा ने जब रमेश की बात सुनी तो सन्न रह गई , वह पूरा दिन इस घर को सँभालने  में लगाती है, रमेश की छोटी सी छोटी जरूरत टाइम से पूरा करती  है, इसमें उसे कभी अपने लिए टाइम ही नहीं मिला, और आज रमेश ने उसी का  ताना मारा, वह खूब रोइ ,

रमेश और निशा एक घर में रहते थे, मगर उनके बीच मिलो का फैसला था, रमेश अपनी आधी से ज्यादा सैलेरी सोनिया पर खर्च करता था ,जिससे घर में आर्थिक तंगी भी रहने लगी, पूरी तरह रमेश पर निर्भर  निशा रमेश से ज्यादा कुछ कह भी नहीं सकी  क्योकि अगर बात तलाक तक चली गई तो वह कहा जाएगी।

रमेश की जिंदगी बहुत अच्छी चल रही थी, लगभग एक साल तक सब ठीक चला , धीरे -धीरे रमेश को लगने लगा सोनिया उसको इग्नोर कर रही है, जब उसने यह सोनिया से पुछा तो वह टाल गई, एक दिन रमेश बिना बताये होटल पहुंच गाया, रिसेप्शन पर पहुंचकर उसने सोनिया के बारे  में पुछा तो पता चला, सोनिया अंदर हॉल में अपने फ्रेंड  के साथ है, रमेश चुपचाप अंदर चला गया , वह जो देखा , उसे अपनी आँखों पर विस्वास नहीं हुआ, सोनिया अपने दोस्त के कंधे पर सर रखे बैठी थी, सोनिया की पीठ हाल के गेट की तरफ थी इसलिए उसने  रमेश को नहीं देखा,

रमेश चुपचाप आकर वेटिंग रूम में सोनिया का इन्तजार करने लगा,थोड़ी देर में सोनिया अपने फ्रेंड का हाथ पकड़कर बहार आये, रमेश को देखकर सकपका गई, उसने रमेश से पुछा तुम इस समय यहाँ क्या कर रहे हो, रमेश  उसके फ्रेंड का जाने के बाद गुस्से से आग बबूला होकर बोला, यह क्या है सोनिया, प्यार के वादे मेरे साथ, और अब इसके साथ क्या कर रही हो, तुमने मेरे साथ ठीक नहीं किया, रमेश को बेकाबू

होता देख सोनिया बोली , मैं तुम्हारी प्राइवेट प्रॉपर्टी नहीं हूँ, अपनी हद में रह कर बात करू, मेरी जिंदगी है किसी से बात करू ,किसके साथ रहु मैं डिसाइड  करूंगी, और तुम्हे बुरा कुए लग रहा है, तुम भी तो निशा   को  छोड़ कर आये थे मेरे पास, जब तुम अपनी पत्नी को छोड़ सकते है तो मैं किस और के साथ क्यों  नहीं जा सकती, सोनिया की बातें  सुनकर  रमेश को बहुत बड़ा धक्का लगा , तभी  उसने  निशा के बारे में सोचा,  उसको  कितना बुरा लगा होगा, उसे   निशा का चेहरा  उसकी आँखों के सामने  घूम गया , उसे अपने किये पर पछतावा  था, आज  उसे निशा के दर्द का एहसास  हो रहा था।  उसने कहा गुस्से में ही सही पर निशा अभी भी मेरा इंतजार   कर रही होगी। 

निशा जैसी  न जाने कितनी महिलाये  अपने पति के बेवफाई   का शिकार है, कुछ समाज और परिवार  के वजह से कुछ insecure Future की वजह से आवाज  नहीं उठा  पाती, अगर किसी के साथ ऐसा हो तो वह क्या करे   कमेंट करके  जरूर बताइयेगा।

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